कार्यक्रम की शुरुवात नवकार मंत्र से की गई। मंगलाचरण का उच्चारण महिला मंडल द्वारा किया गया। तत्पश्चात सभा अध्यक्ष श्री सुरेश जी जीरवाला द्वारा मंगल भावना व्यक्त की। महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती दिलखुश जी तातेड़ द्वारा साध्वीश्री जी के प्रति मंगल भावना की अभिव्यक्ति की गयी। महिला मंडल ने विदाई गीत द्वारा अभिव्यक्ति की। तेयुप मंत्री श्री देवीचंद जी तातेड़ व श्री विनय तातेड़ द्वारा अपने भावों की अभिव्यक्ति की गई।
साध्वी श्री विजयप्रभा जी ने बताया स्वाध्याय धर्म आराधना के लिए चातुर्मास हमारे लिए बहुत अच्छा रहा।
साध्वी श्री प्रमोद श्री जी ने बताया संतों के पाँव नहीं रुकते, आपका मन नहीं रुकता है। मेरी शुभकामनाएँ धर्म में बने रहें। आस्था बहुत मजबूत होनी चाहिए, दृढ़ आस्था से सारे काम अपने आप पूरे हो जाते हैं। आप जो भी काम करें, उसमें सफलता के लिए अंदर आध्यात्मिक भावना होनी चाहिए। आज का दिन उत्साह का दिन है, हमारे लिए बंधन का खुलने का दिन है। मंच का संचालन श्रीमती चेतना जी घोड़ावत ने किया।



