अणुव्रत समिति, बालोतरा द्वारा अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत आज छठा दिवस अनुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। अणुव्रत समिति के मंत्री महेन्द्र मेहता ने बताया कि आज अनुशासन दिवस का कार्यक्रम न्यू तेरापंथ भवन में मनाया गया। इस अवसर पर साध्वी श्री मंगलयशा जी ने प्रेरणा देते हुए कहा कि व्यक्ति का जीवन अनुशासनमय होना चाहिए। यदि हमें जीवन में सफल बनना है उसके लिए अनुशासन नींव का कार्य करता है। अनुशासन हमारे जीवन का प्राण है। अनुशासन से व्यक्ति में प्रतिपल जागृति रहती हैं। जो व्यक्ति बिना अनुशासन के चलता है या रहता है वह एक तरह से अस्त-व्यस्त जीवन का व्यापन करता है आचार्य तुलसी का एक महत्वपूर्ण सुत्र था निज पर शासन फिर अनुशासन। हमारे भीतर सद्गुणों का विकास हो इसका हमेशा प्रयास रहे। हमारी सोच सदैव सकारात्मक हो। हमें सदैव गुस्से को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए और हमारी वाणी मधुर बने। वर्तमान में तेरापंथ धर्मसंघ एक अनुशासित धर्म संघ है। एक आचार, एक विचार एवं एक आचार्य की आज्ञा में चलने वाला एक विरला धर्मसंघ है। साध्वीश्री ने अनुशासनमय जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की। हम अनुशासन का पालन करे और अनुशासित बने तभी ऐसे दिवसों को मनाने की सार्थकता होगी।



