अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी द्वारा निर्देशित उदबोधन सप्ताह का प्रथम दिवस सांप्रदायिक सौहार्द दिवस अणुव्रत समिति दिल्ली ट्रस्ट ने साध्वी श्री संगीत श्री जी के पावन सान्निध्य में विवेक विहार के ओसवाल सामुदायिक भवन में उत्साह के साथ आयोजित किया गया। साध्वी श्री ने नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया तत्पश्चात् दिल्ली समिति संगठन मंत्री राजीव महनोत, सहमंत्री पवन गिड़िया, तेज करण बैद, महेंद्र चोरडिया, रवि शर्मा, संजय भाई, श्रीमती मंजु बाँठिया, सुमन सिंघी ने संयममय जीवन हो गीतिका की मधुर प्रस्तुति दी। प्रत्येक संप्रदाय में आपस में प्रेम स्नेह का वातावरण बने,मानव पहले मानव बने फिर कुछ और बने ऐसा साध्वी संगीत श्री ने अपने ओजस्वी पावन प्रवचन में कहा। आपने आचार्य तुलसी द्वारा प्रतिपादित अणुव्रत आंदोलन की जानकारी भी दी। दिल्ली समिति अध्यक्ष श्री मनोज जी बरमेचा ने आये सभी धर्मों के प्रतिनिधि एवं श्रावक समाज का अपने वक्तव्य द्वारा स्वागत अभिनंदन किया। अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के महामंत्री श्री भिखम चन्द सुराना ने उदबोधन के प्रथम दिवस की मंगल कामना करते हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों का अभिनन्दन किया तथा अणुव्रत का अन्य प्रकल्पों की जानकारी प्रदान की। सिख समाज प्रतिनिधि पद्मश्री जितेन्द्र सिंह शंटी द्वारा मानवता का संदेश देते हुए ये ही कहा हमे मानव सेवा में हमेशा तत्पर रहना चाहिए।आर्य समाज प्रतिनिधि डा.नरेन्द्र वेदालंकार का कहना था की हमे धर्म नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हमे हर धर्म का सम्मान करना चाहिए। योगा रिसर्चर डॉ. गोपाल जी ने वक्तव्य में सब धर्म की पूजा पद्धति अलग अलग हो सकती है पर जीवन जीने की ऐसी पद्धति होनी चाहिए जो इंसान को इंसान बनाये।म ुस्लिम समुदाय के हाफिज एवं कारी डिग्री प्राप्त ज़मीलरहर्मान का कहना था कि हम सबको किसी भी एक संप्रदाय में ख़ुद को ना बांध कर बल्कि इंसानियत के वो सब कार्य करने चाहिए जिस से इंसान का भला हो जो की अणुव्रत सिखाता है। ब्रह्मकुमारी आश्रम की क्षीरा दीदी ने राजा की कहानी सुनाते हुए बताया किस तरह मानव जीवन को मानवता में लगाकर हम अपना ख़ुद का जीवन भी पवित्र बना सकते है और दूसरों का भी।क्रिश्चियन समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए डा.एम.डी.थॉमस का एक दूसरे पंथ के लिये हमारे पास देखने का नज़रिया सम्मान का होना चाहिए एक दूसरे के काम आए ऐसा चिन्तन रहना चाहिए। अणुव्रत से जुड़े पुराने व्यक्तित्व के धनी डा.नलिन कि शास्त्री जी द्वारा आचार्य श्री तुलसी एवं अणुव्रत आंदोलन पर अपने विचार खुल कर रखते हुए कहा कि अणुव्रत वर्ण,जाती,संप्रदाय से उठ कर कार्य करता है जो ना मानवता का संदेश देता है बल्कि नशामुक्ति, पर्यावरण की जागरूकता का भी संदेश देता है। साध्वीवृन्द की सांप्रदायिकता के ऊपर बहुत सुन्दर गीतिका का संगान किया गया। शाहदरा सभा अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंघी एवं ओसवाल समाज अध्यक्ष श्री आनन्द बुच्चा द्वारा भी दिल्ली समिति के कार्यों की सराहना करते हुए इस उदबोधन सप्ताह के प्रति मंगल कामना प्रेषित की।कार्यक्रम में पधारे विशिष्ट संप्रदायों के विशिष्ट प्रतिनिधियों का मोमेंटो देकर स्वागत किया दिल्ली समिति अध्यक्ष श्री मनोज बरमेचा, अणुव्रत विश्व भारती संगठन मंत्री एवं उदबोधन सप्ताह संयोजिका डॉ. कुसुम लूनीया, अणुव्रत महासमिति पूर्व अध्यक्ष श्री बाबू लाल जी गोलछा, दिल्ली सभा उपाध्यक्ष श्री रणजीत भंसाली, श्री बाबूलाल दूगड़, दिल्ली टीटीएफ की अध्यक्षा श्रीमती कविता बरडिया,पूर्वी दिल्ली महिला मंडल मंत्री श्रीमती सुमन भंडारी, श्रीमती राज गुणेचा, नेपाल बिहार सभा महामंत्री श्री वीरेन्द्र संचेती, गांधी नगर सभा अध्यक्ष श्री निर्मल छलानी। कार्यक्रम का मंच संचालन का कार्य कुशलतापूर्वक संचालित किया समिति मंत्री राजेश बैंगानी ने।इस आयोजन की संयोजना और व्यवस्थित रूप प्रदान करने में अहम् भूमिका रही निवर्तमान अध्यक्ष श्री शांति लाल पटावरी, प्रदीप चोरडिया, वैभव जैन, मोहित शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।सभी का आभार ज्ञापन मीडिया प्रभारी श्री ऋषभ बैद द्वारा किया गया।



