तेरापंथ युवक परिषद, हैदराबाद और तेरापंथ महिला मंडल, हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में प्रेक्षा कल्याण वर्ष के उपलक्ष्य में ‘आओ जीना सीखें’ नामक दो दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर का आयोजन 20 और 21 मार्च को तेरापंथ भवन, बोलाराम में किया गया। इस शिविर में साध्वीश्री डॉ. गवेषणाश्री जी आदि ठाना-4 के सान्निध्य में ध्यान का अभ्यास किया गया।
प्रेक्षावाहिनी मुख्य संयोजक रीटा सुराना ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने शिविर के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। शिविर का शुभारंभ तेयुप अध्यक्ष अभिनंदन नाहटा के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए प्रेक्षाध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रेक्षा प्रशिक्षक नविता नाहटा ने उपस्थित साधकों को ध्यान प्रयोग कराया, जिससे सभी ने शांति और एकाग्रता का अनुभव किया। साध्वीश्री मेरुप्रभा जी और साध्वीश्री मयंकप्रभा जी ने प्रेरणादायक प्रवचन दिया, जिसमें उन्होंने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक विकास के महत्व पर जोर दिया। साध्वीश्री डॉ. गवेषणाश्री जी ने विशेष प्रेक्षाध्यान प्रयोग करवाया। साध्वीश्री गवेषणाश्री जी ने ध्यान और योग के प्रयोग से संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने के तरीके बताए। उन्होंने कायोत्सर्ग, महाप्राण ध्वनि और अन्य प्रयोगों के लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। तेरापंथ महिला मंडल मंत्री सुशीला मोदी ने सभी का आभार व्यक्त किया और शिविर की सफलता के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।
इस शिविर में अच्छी संख्या में साधकों ने भाग लिया और प्रेक्षाध्यान के लाभों का अनुभव किया। शिविर का उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था, जो कि पूर्ण रूप से सफल रहा। प्रेक्षावाहिनी सुचित्रा का भी इस आयोजन में सहयोग रहा। कार्यक्रम के संयोजक रीटा सुराना, शकुंतला बुच्चा और नीरज सुराना रहे।



