अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार एवं तेरापंथ महिला मंडल, आसींद के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वरधारा व प्रेरणा सम्मान का आयोजन तेरापंथ सभा भवन में किया गया।
शासनश्री साध्वीश्री जसवती जी ठाणा-4 एवं साध्वीश्री कीर्तिलताजी ठाणा-4 ने सान्निध्य प्रदान किया। साध्वीश्री जसवती जी ने नमस्कार महामंत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। सर्वप्रथम कन्या मंडल की बहनों द्वारा प्रेरणा गीत का संगान किया गया। अध्यक्ष मंजू कांठेड़ ने अपने स्वागत वक्तव्य में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की सभी को बधाई दी। बहनों एवं कन्या मंडल ने नारी शक्ति पर आधारित सुन्दर कविता के माध्यम से प्रस्तुति दी। साध्वीश्री अनेकांत प्रभा जी ने कहा कि महिला घर की आधारशीला है। मां जन्म देने वाली होने के साथ ही घर की दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती है। वह ऐसे घर का निर्माण करती है जिसमें प्यार की छत, विश्वास की दीवार, सहयोग के दरवाजे और अनुशासन की खिड़कियां होती हैं। साध्वीश्री कीर्तिलताजी ने कहा कि नारी अनंत शक्ति का स्रोत है, आज नारी हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। आधुनिकता की दौड़ में जिस प्रकार नारी पीछे नहीं है उसी प्रकार आध्यात्मिकता की दौड़ में भी नारी ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
साध्वीश्री जी ने अनेक उदाहरण के माध्यम से नारी शक्ति की महिमा का गुणगान किया। प्रेरणा सम्मान प्राप्त वीणा जी शर्मा सागर एवं एडवोकेट जमनाजी कुमावत का परिचय प्रेक्षा चोरड़िया ने दिया। वीणा जी ने कहा कि महिलाएं आज भी अपना सहअस्तित्व खोज रही हैं और हर जगह संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कई कविताओं के माध्यम से अपनी बात को पूरा किया। जमनाजी ने कहा कि हमें अपनी बेटियों का ध्यान रखना चाहिए एवं सभी महिला को जागरूक होकर काम करना चाहिए। ब्रह्माकुमारी दीदी ने कहा कि नारी शक्ति का रूप है, इसके अंदर पूरा संसार समाया है। सभा के अध्यक्ष श्रीमान कन्हैया लाल जी दुगड़ ने महिला मंडल को महिला दिवस की बधाई एवं सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सभा के मंत्री दलपत जी कावड़िया एवं अणुव्रत शिक्षा समिति के मंत्री श्रीमान कैलाश जी शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रेक्षा चोरड़िया एवं अंकिता रांका ने किया। तेरापंथ महिला मंडल, दौलतगढ़, भीम, चंदनबाला महिला मंडल की उपस्थिति रही।



