कार्यक्रम का प्रारंभ महामंत्र नवकार मंत्र से किया गया। महिला मंडल अध्यक्षा शालिनी जी सिंघी ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में महिला दिवस के उपलक्ष मे काव्य सम्मेलन रखा गया। सभी ने काव्य एवं आज की नारी और पहले की नारी में बहुत सुदंर प्रस्तुति दी। परिवर्तन ही जीवन का नाम है। जिसमें प्रथम मोहिनीजी कांकरिया, दूसरा सरलाजी सुराणा, तीसरा कमलाजी गादिया, प्राजक्ता जी कटारिया एवं अंगूर बालाजी कटारिया ने एक लघु
नाटिका प्रस्तुत की जिसमें उन्होंने आज की बहु की क्या डिमांड है वह बताया। रोशनीजी गादिया, मोनालीजी लोढ़ा, सविताजी गादिया, रोशनीजी कांकरिया, हर्षाजी संचेती ने गीतों के माध्यम से देश की महान महिलाओं को याद किया।
दूसरे चरण का कार्यक्रम होली के रंगों के साथ था। रंग-बिरंगे परिधान में महिलाएं ने बताया- कैसे एक साड़ी को अनेक तरीके से पहन सकते हैं, वह बहुत सुदंर ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की थीम थी different ways of saree draping । सभी में रैंप वॉक कर अपने आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। प्रथम प्राजक्ता जी कटारिया, दूसरा रचनाजी भंडारी, तीसरे स्थान पर दो बहनें आयी-दिव्याजी दसाणी और सीमाजी बच्छावत।
25 बहनों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। कार्यक्रम के जज लताजी कांकरिया, राजजी दुगड़, सरिताजी बछावत, सभी ने प्रथम और द्वितीय, तृतीय स्थान का चुनाव किया। सभी का आभार व्यक्त महिला मंडल मंत्री मनीषाजी दूधोडिया ने किया। कार्यक्रम का संचालन नीलमजी डागा एवं रश्मिजी सिंघी ने किया। 75/80 बहनों ने इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।



