अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल, वसई द्वारा स्वरधारा का कार्यक्रम साध्वीश्री प्रोफेसर डॉ. मंगलप्रज्ञा जी ठाणा-6 के पावन सान्निध्य में हुआ। नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम की शुभ शुरुवात हुई। इस अवसर पर साध्वीश्री प्रोफेसर डॉ. मंगलप्रज्ञा जी ने कहा कि अपनी शक्ति और सामर्थ्य का संवर्धन सभी को करना चाहिए। सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्ति सुधार के लिए साहित्य संपदा भी महत्वपूर्ण है। जीवन विकास का सशक्त माध्यम है-साहित्य इसमें सत्य का एहसास जिया जा सकता है जो समाज सुधारक होते हैं वे समाज के उत्थान के लिए लिखते हैं। चयनित डॉक्टर श्रीमती पल्लवी बनसोडे जो एक कवियित्री, लेखिका, संपादीका है उन्होंने कहा कि मैं साध्वीश्री जी के युगीन प्रबुद्ध विचारों से प्रभावित हूं। महिला मंडल ने मेरे को प्रेरणा सम्मान दिया है। मैं तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। सभी की भावनाओं का आदर करती हूं। महिला मंडल अध्यक्षा चंदा जी गोखरू ने स्वागत स्वर प्रस्तुत किया और कहा एक कदम स्वावलंबन की ओर…महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने का सुलभ प्रयास है, सभी को शुभकामनाएं दी। उपाध्यक्ष सुनीता जी हिरण ने साध्वीश्री जी के व्यक्तित्व और कर्तव्य का संक्षिप्त परिचय देते हुए आयोजन में सान्निध्य प्रदान हेतु आभार व्यापित किया। डॉक्टर श्रीमती पल्लवी बनसोडे का भी संक्षिप्त परिचय दिया। साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने हेतु प्रेरणा सम्मान कवियित्री डॉ. श्रीमती पल्लवी बनसोडे को प्रदान किया गया। साहित्य की बुकें भेंट की गई।
श्री उत्सव का भव्य आयोजन सभा अध्यक्ष भगवती लाल जी चौहान के नमस्कार महामंत्र से एवं उद्घाटन डॉक्टर श्रीमती पल्लवी बनसोडे ने फीता खोलकर श्री उत्सव मेले का शुभारंभ किया। तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में एक दिवसीय एग्जीबिशन में 35 स्टालें तेरापंथ भवन, वसई हाल में लगाए गए। वसई में यह आयोजन सबकी नजरों में आकर्षण का केंद्र रहा। श्री उत्सव में विशेष उपस्थिति रही। भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहनलाल जी गुंदेचा, मंत्री प्रकाश जी संचेती, सभा अध्यक्ष भगवती लाल जी चौहान, मंत्री सुभाष जी हिरण, उपाध्यक्ष विकास जी इटोदिया, मंत्री मनीष जी चौहान उपस्थित रहे। आभार ज्ञापन मंत्री कोमल जी राठौड़ ने किया। तेरापंथ महिला मंडल की लगभग सभी बहनों की उपस्थित रही। करुणा जी कोठारी एवं सुनीता जी हिरण का श्री उत्सव के कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा। लगभग 900 सदस्यों ने श्री उत्सव एक्सिबिशन में पधार कर इसे सफल बनाया।
