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77वें अणुव्रत स्थापना दिवस का आयोजन : जसोल

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अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के तत्वावधान में 77वां अणुव्रत स्थापना दिवस अणुव्रत समिति, जसोल द्वारा मनाया गया। अणुव्रत समिति के मंत्री सफरुखान ने बताया कि स्थानीय नवकार माध्यमिक विद्यालय स्कूल जसोल मे सुबह 8ः30 बजे अणुव्रत समिति, जसोल के द्वारा 77वां अणुव्रत स्थापना दिवस पर नशा मुक्ति पर भाषण प्रतियोगिता का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की बालिकाओं द्वारा ‘संयममय जीवन हो’ गीत से मंगलाचरण किया गया। स्वागत भाषण अणुव्रत समिति के अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा ने प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने बताया कि आचार्यश्री तुलसी के द्वारा अणुव्रत की स्थापना एक मार्च 1949 फाल्गुन शुक्ला बीज मंगलवार को सरदारशहर में शुरुआत की आचार्यश्री तुलसी के द्वारा समाज व राष्ट्र के उत्थान के लिए तथा छोटे-छोटे संकल्पों के द्वारा जीवन सुधार हेतु अणुव्रत की स्थापना की गई थी। 77 वर्ष पूर्व एक बीज के रूप में स्थापित अणुव्रत आज एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है, आज पूरे देश के साथ, विदेशों में भी अणुव्रत की हजारों शाखाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।
इस अवसर पर विद्यालय में नशा मुक्ति विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के 23 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने भाषण में नशे से होने वाली बीमारियों व अन्य हानियों के बारे मे बताते हुए, नशा मुक्ति के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। अणुव्रत समिति मंत्री सफरुखान ने अणुव्रत आचार सहिंता का वाचन किया एवं बताया कि शराब, बीड़ी, सिगरेट जैसे जानलेवा नशे से व्यक्ति स्वयं के साथ पूरे परिवार व समाज को गर्त मे लेकर जा रहा है। युवा पीढ़ी में नशा और अधिक देखने को मिल रहा है। सरकार अपने स्तर पर विभिन्न नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित कर रही है, इसके साथ ही सामाजिक सरोकार से जुड़ी संस्थाओं द्वारा भी इसके लिए अपने स्तर पर प्रयास किये जा रहे है।
भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान लक्षिता बुरड़, द्वितीय स्थान ऋषभ, तृतीय स्थान संघान ने प्राप्त किया। समिति की ओर से इन विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। बाकी सभी विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में ईश्वरसिंह इन्दा, पदमसिंह कंवरली, डुंगराराम बोगू ने अपनी महत्वपूर्ण भुमिका निभाई। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका निभाने वाले व स्कूल के अध्यापक अतिथियों का अणुव्रत दुपट्टा पहनाकर स्वागत व अभिनंदन किया व बैग देकर सम्मानित किया गया। अणुव्रत समिति के सदस्यों द्वारा समिति के अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा व आशादेवी गोलेच्छा को अणुव्रत दुपट्टा पहनाकर स्वागत व अभिनंदन किया। अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा ने अणुव्रत नारा व नशा मुक्ति नारो के माध्यम से नशा मुक्ति का सन्देश दिया व बालक -बालिकाओं को नशा मुक्ति संकल्प दिलाए। ईश्वरसिंह इन्दा, पदमसिंह कंवरली, डुंगराराम बोगू ने अपने भाव व्यक्त किया। आभार व्यक्त अध्यापक लक्ष्मणसिंह राजोत ने किया। कार्यक्रम के प्रायोजक महामंत्र यूनिफॉर्म जसोल-बालोतरा थे। कार्यक्रम का सफल संचालन संचालन चन्द्रप्रकाश खत्री ने किया। इस अवसर पर महावीरचंद सालेचा, देवाराम माली, माणक चंद, विक्रमसिंह, दिग्विजयसिंह, विक्रम सोलंकी, उमेशसिंह, खुशवंतसिंह , धापुकंवर, नितूकुमारी, रविना गहलोत, कोमल शर्मा, अंजू सुथार, किरण कोठारी आदि मौजूद थे।

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