तेरापंथ भवन, सूरतगढ़ में साध्वीश्री प्रज्ञावती जी ठाना-4 का मंगल भावना कार्यक्रम साध्वीश्री सुदर्शना श्री जी ठाना-5 के सान्निध्य में रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत तेरापंथ महिला मण्डल के मंगलाचरण से हुई। श्री आत्मवल्लभ तरुणी महिला मण्डल ने भी अपनी भावनाएं गीतिका के माध्यम से रखी। तेरापंथ महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती मंजू रांका, तेरापंथी सभा के अध्यक्ष धनराज नवलखा, मंत्री जयप्रकाश जैन, श्रीमती अनिशा नौलखा, तेयुप के अमृत चोपड़ा, उषभ रांका ने भी वक्तव्य व गीतिका के माध्यम से अपनी भावनाएं रखी। तेरापंथ महिला मण्डल की सदस्यों ने गीतिका गाई। महिला मण्डल द्वारा न्यूज चैनल नाटिका के माध्यम से साध्वीश्री द्वारा अपने प्रवास काल में करवाये गए सभी कार्यक्रमों की जानकारी श्रावक समाज को दी। साध्वीश्री पुनीतयशा जी, साध्वीश्री लक्षितप्रभा जी, साध्वीश्री प्रगतिप्रभा जी व साध्वीश्री प्रणति प्रभा जी ने साध्वीश्री प्रज्ञावती जी ठाना-4 के प्रति अपनी भावनाएं गीतिका व वक्तव्य के द्वारा रखी। साध्वीश्री कीर्तिप्रभा जी, साध्वीश्री मयंक यशा जी व साध्वीश्री प्रशांत यशा जी द्वारा साध्वीश्री सुदर्शनाश्री जी ठाना-5 व समाज के प्रति अपनी मंगल भावनाएं रखी।
साध्वीश्री सुदर्शनाश्री जी ने बताया कि हमें सबके प्रति मंगल भावना करनी चाहिए, उससे ना केवल जिसकी कर रहे है, उसका मंगल होता है बल्कि स्वयं का भी मंगल होता है। साध्वीश्री प्रज्ञावती जी ने कहा कि सूरतगढ़ क्षेत्र बहुत साताकारी है, सबकी धर्म व गुरु के प्रति आस्था है। साध्वीश्री प्रज्ञावती जी का चातुर्मास तारानगर फरमाया हुआ है। साध्वीश्री जी यहाँ से रावतसर होते हुए तारानगर की ओर विहार करेंगे। कार्यक्रम का मंच संचालन भरत ऋषि रांका ने किया। कार्यक्रम में सकल जैन समाज के श्रावक उपस्थित थे।
