तेरापंथ धर्मसंघ द्वारा बच्चों में संस्कार निर्माण के लिए चलाई जाने वाली नागपुर ज्ञानशाला का पुरस्कार वितरण समारोह बड़े ही धूमधाम से तेरापंथ भवन में दिनांक 9 फरवरी, 2025 सुबह 10 बजे मनाया गया। तेरापंथ धर्मसंघ के नोवें आचार्य गणाधिपति तुलसी ने पश्चिमी सभ्यता की ओर झुकती हुई भावी पीढ़ी जो अपने और देश के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होने वाली है उनके चरित्र निर्माण के लिए चिंतन किया और ज्ञानशाला जैसा एक महान अवदान मानव जाति को प्रदान किया। हम आज उनके इस अवदान से बहुत आभारी हैं कि तेरापंथ धर्मसंघ बच्चों के भविष्य निर्माण में संस्कारों के कल्पतरु को फलता-फूलता रखने में सफल हो रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चे पुनीत बोथरा, युग छाजेड़ ने तुलसी अष्टकम के संगान द्वारा किया। ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती प्रमिला मालू ने बताया की ज्ञानशाला गुरुदेव श्री तुलसी के द्वारा संजोयी गई प्रयोगशाला है। अभिभावक जहां अपने बच्चों को हर शिक्षा देना चाहते हैं वहीं हर अभिभावक अपने-अपने बच्चों को ज्ञानशाला भेजें ताकि बच्चे व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कारों को अर्जित कर सके। ज्ञान ग्रहण करना व ज्ञान प्रदान करना यह दोनों महत्वपूर्ण उपक्रम हैं। बच्चों के भीतर ज्ञान के अर्जन का प्रमुख माध्यम ज्ञानशाला है। ज्ञानशाला प्रशिक्षिका श्रीमती अरुणा नखत ने बताया कि ज्ञानशाला से बच्चों का मानसिक व सामाजिक विकास होता है। ज्ञानशाला में बच्चों को सेवा, संस्कार और शिक्षा का ज्ञान दिया जाता है। ज्ञानशाला धर्म की पाठशाला है जहां कितने भी प्रशिक्षक निस्वार्थ भाव से ज्ञानार्थियों को धर्म की शिक्षा और संस्कार की शिक्षा देने का प्रयास करते हैं। ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं को साधुवाद दिया कि वह इतने अच्छे ढंग से ज्ञानशाला का संचालन कर रहे हैं और बच्चों में संस्कार भर रहे हैं।
प्रशिक्षिका मीनू बोथरा एवं प्रीति धारीवाल व सुषमा डागा ने सभी बच्चों को एक रोचक गेम के माध्यम से तेरापंथ धर्मसंघ की मर्यादा की जानकारी से अवगत करवाया। साथ में सभी अभिभावकों ने भी खूब आनंद उठाया। गेम के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। ज्ञानशाला संयोजक श्री महेंद्र जी बोरड़, तेरापंथ सभा के अध्यक्ष श्री विजय जी रांका, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष श्री नितेश जी छाजेड, तेरापंथ महिला मंडल अध्य्क्षा सरिता आर डागा, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम उपाध्यक्ष श्रीमती शिवाली पुगलिया ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। श्रावक-श्राविका समाज की अच्छी उपस्थिति रही। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थी की भी अच्छी उपस्थिति रही। सभी ज्ञानार्थियों को तेरापंथी सभा द्वारा पुरस्कृत किया गया। बच्चों की हौसला अफजाई के लिए समाज के सभी वर्ग के सदस्यों की सरहानीय उपस्थिति रही। सभी प्रशिक्षिकाओं का सहयोग रहा। अंत में सफल आयोजन के लिए श्रीमती प्रीति धारीवाल ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती सुषमा डागा द्वारा किया गया।



