अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के तत्वावधान में शासनश्री साध्वी कंचनप्रभाजी के सान्निध्य मे अणुव्रत उधबोधन सप्ताह के सप्तम दिन जीवन विज्ञान दिवस के रूप में अणुव्रत समिति इचलकरंजी द्वारा तेरापंथ भवन मे आयोजित किया गया। शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने अपने मंगल पाथेय में कहा आचार्य तुलसीजी के अवधान में से एक अवधान है-जीवन विज्ञान। जीवन विज्ञान से ही हम अपने भीतर के शक्ति को और भावो को ऊर्जा को प्राप्त कर सकते हैं।
शासनश्री साध्वी मंजूरेखाजी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि आज के युग में हर एक को जीवन विज्ञान का महत्व समझना अति आवश्यक है जीवन विज्ञान से ही है अपने भावों की शुद्धि कर सकते है एवं हर स्कूल मे जाकर जीवन विज्ञान की प्रशिक्षण देना चाहिए यह प्रेरणा सबको दी।
पूर्व अध्यक्ष एवं जीवन विज्ञान ट्रेनर श्री विकासजी सुराणा ने अपने सुन्दर व्यक्तव मे जीवन विज्ञान का अर्थ समजाते हुए सभी को कहा विज्ञान के साथ जीवन को सीखना बहुत आवश्यक होता है।
अध्यक्ष पंकजजी जैन अपने व्यक्तव मे पिछले ७ दिनों से अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह बड़े ही सक्रिय रूप से समाप्त होने पर सभी साध्वीजी के प्रति अनंत कृत्यगता ज्ञापित की एवं अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह मे आपने जो मार्गदर्शन किया है उसे हम सभी हमारे जीवन उतारेंगे।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में जीवन विज्ञान दिवस के अवसर पर अणुव्रत समिति द्वारा साई इंग्लिश मेडियम, नाकोड़ा हिंदी हाईस्कूल, स्वामी विवेकानंद गर्ल्स हाईस्कूल, और तात्यासाहेब महाविद्यालय इन ४ स्कूलों मे विद्यार्थी अणुव्रत के नियोमो का बोर्ड लगाया एवं सारे विद्यार्थी को नियम समझाए। सारे स्कूलों के शिक्षक गण अणुव्रत समिति के इस कार्य की खूब सरहाना की। इस कार्यक्रम मे पूर्व अध्यक्ष विकासजी सुराणा, अध्यक्ष पंकजजी जैन, मंत्री मधुसुदनजी मालपानी, उपाध्यक्ष सुनीतादेवी गिड़िया, तेयुप अध्यक्ष अनिलजी छाजेड, सदस्य मनोजजी भंसाली, आदि सदस्य उपस्थित थे।



