अणुविभा के निर्देशानुसार अणुव्रत समिति, गाजियाबाद के तत्वावधान में आज अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का चौथा दिन पर्यावरण दिवस के रूप में सी-ब्लॉक सूर्यनगर स्थित ध्रुव पार्क के अणुव्रत वाटिका में मनाया गया। आज विश्व में प्रदूषण बहुत बढ़ गया है विशेष तौर हमारे भारत में, इस बढ़ते हुए प्रदूषण और पर्यावरण के प्रति सबको सजग होना बहुत जरुरी हैं। गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी अपनी दूरदर्शिता से अणुव्रत के रुप में हमें एक अवदान दिया है, जिसको अपना कर हम काफी हद तक प्रदूषण पर्यावरण से बच सकते हैं अणुव्रत के 11वें नियम में पर्यावरण सुरक्षा और जल की कीमत को ही दर्शाया गया है।
कार्यक्रम में सूर्य नगर गाजियाबाद के निगम पार्षद श्रीमान कृष्ण मोहन खेमका जी, श्रीमान संजय जी, सचिन सरना और भी पार्क में घूमने वाले कई सदस्यों ने शामिल होकर प्रोग्राम की शोभा बढ़ाई। इसके अलावा समिति की अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, सहमंत्री, कार्यकारिणी सदस्य एवं अन्य कई सदस्यों की अच्छी संख्या में उपस्थिति रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक अणुव्रत गीत के संगान से हुई। आदरणीय श्री मान खेमका जी, अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के द्वारा अणुव्रत वाटिका में पौधा रोपण हुआ, पर्यावरण सुरक्षा के लिए शपथ दिलवाई गई। अध्यक्षा श्रीमती कुसुम जी सुराना द्वारा अपने वक्तव्य से आगंतुकों मेहमानों का स्वागत किया। पर्यावरण की सुरक्षा हेतु कुछ टिप्स बताते हुए कहा कि ’वृक्ष है तो जल है, और जल है तो जीवन है’ जल अमूल्य है नित्य कार्य करते हुए जल की बर्बादी ना हो, बिजली का अपव्य न हो, प्लास्टिक का काम से कम उपयोग हो, अणुव्रत आचार संहिता का 11 वां नियम यही बताता है, कि हरे भरे वृक्ष की सुरक्षा करें, पानी बचाएं, हमारी आने वाली पीढियां को स्वच्छ, स्वस्थ, और हरा भरा ग्रह विरासत में देने के लिए है हमें आज विवेक व सजगता को अपनाना होगा। हम थोड़े जागरूक और सतर्क रहकर पर्यावरण की सुरक्षा करे, यही आज के दिन की सार्थकता है।
आने वाले 5,6,7 तीनों दिनों के कार्यक्रम में सभी अपनी उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया। माननीय कृष्ण मोहन खेमका जी जो हमेशा इस समिति के हित में कार्य करते आ रहे है। उन्होंने हमारी अध्यक्षा कुसुम जी सुराना के प्रभावशाली व्यक्तित्व और कार्य करने की कुशलता से प्रभावित होकर भविष्य में कभी भी किसी भी समय कोई भी कम की सहायता करने के लिए तत्पर रहने का आश्वासन दिया। जिससे अनवर समिति गाजियाबाद के सभी सदस्यों में जोश व हिम्मत आ गई। संजय जी जैन भी अणुव्रत समिति के सदस्य बने। सभी का आभार ज्ञापन कोषाध्यक्ष श्रीमान महेंद्र जी घिया ने किया। कार्यक्रम के संयोजक हमारे युवा साथी हेमंत जी सुराना और करण जी बेगवानी रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमान शरद वाष्णेय जी ने किया। इनके मंच संचालन और शब्दों के चयन में एक ऐसा जादू है, जिससे सहज ही जनता आकर्षित हो जाती है। अपने शेरो शायरी से कार्यक्रम में चार चाँद लगा देते है।



