अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में सूरत तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शासनश्री साध्वीश्री मधुबालाजी आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में स्वरधारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। साध्वीश्री विज्ञानश्री जी के द्वारा नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और उन्होंने महिला दिवस पर प्रेरणा पाथेय दिया।
इस स्वरधारा कार्यक्रम में अखिल भारतीय स्तर की कवयित्रियाँ शगुन डागा, रश्मि दाधीच, डॉ. पूनम गुजरानी, प्रीति अगरवाल सुराणा, सोनल जैन और निम्मी गुप्ता की उपस्थिति रही। सभी के द्वारा महिला दिवस पर नारी के सृजन, संघर्ष और सफलता आदि विषयों पर रोचक काव्य की प्रस्तुति दी गई। अध्यक्षीय स्वागत वक्तव्य के पश्चात मंडल की बहनों ने शासनमाता द्वारा रचित सुंदर प्रेरणा गीतिका का संगान किया।
साध्वीश्री सौभाग्यश्री जी ने ‘वक्त नहीं है’ विषय पर बहुत ही जोशीली कविता सुनाई। साध्वीश्री मंजुलयशा जी ने कहा कि महिलाओं का उत्थान तो काफी हो गया है जरूरत है अपने संस्कारों को सुरक्षित रखने की। महिलाओं और कन्याओं के उड़ान-रोचक नाटिका की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का विषय रहा-काव्य और साहित्यिक क्षेत्र में विशेष पहचान बनाने पर डॉ. पूनम जी गुजरानी को महिला मण्डल के द्वारा प्रेरणा सम्मान से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में सूरत शहर की जैन और जैनेत्तर लगभग 20 संस्थाओं की महिलाओं ने भाग लिया। आमंत्रित सभी कवयित्री बहनों और सभी संस्थाओं की महिलाओं का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय ट्रस्टी कनक जी बरमेचा ने प्रेरणा सम्मान का वाचन किया। निवर्तमान महामंत्री मधु जी देरासरिया ने पूनम जी को शुभेच्छा देते हुए सभी संस्थाओं की बहनों और कवयित्रियों का स्वागत किया। मंत्री सुषमा बोथरा ने सभी का आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ट्रस्टी कनक जी बरमेचा, श्रेया जी बाफना, पूर्णिमा जी गादिया आदि राष्ट्रीय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सूरत शहर की अन्य शाखाओं की पदाधिकारी बहनों, सूरत महिला मंडल की परामर्शक, पूर्वाध्यक्ष, पदाधिकारी, कार्यकारीणि और सदस्य बहनों और अन्य संस्थाओं की लगभग 325 बहनों की उपस्थिति रही। मंच का संचालन संयोजिका डॉ. पूनम जी गुजरानी और सुनिता जी सुराणा ने किया। सह-संयोजिका सुधा दुगड़ और चांदनी का कार्यक्रम में अच्छा श्रम रहा। स्वरधारा के अंतर्गत काव्य विडियो रिकॉर्डिंग प्रतियोगिता में सूरत महिला मण्डल से विद्या पामेचा राष्ट्रीय स्तर के लिए चुनी गई।





