अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल, चेंबूर (मुबई) द्वारा वाद-विवाद प्रतियोगिता आधुनिक जीवनशैली और पारिवारिक संस्कार-सह-अस्तित्व या संघर्ष का आयोजन तेरापंथ भवन के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र से किया गया। मंडल की बहनों द्वारा ‘प्रेरणा गीत’ के माध्यम से मंगलाचरण किया गया। चेंबूर महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती मनीषा जी कोठारी ने सभी बहनों का स्वागत अभिवादन किया। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन मंत्री बेलाजी डांगी के द्वारा किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में 9 बहनों ने भाग लिया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में जहां एक तरफ बहनों ने बताया कि तकनीकी प्रगति से जीवन आसान हो गया है, जैसे ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल भुगतान और आधुनिक परिवहन। तो दूसरी और कहा कि डिजिटल युग में लोग आभासी दुनिया में अधिक व्यस्त हो गए हैं, जिससे वास्तविक सामाजिक संबंध कमजोर हो रहे हैं।
एक तरफ कहा कि परिवार के संस्कार व्यक्ति को नैतिकता, अनुशासन और सम्मान का पाठ सिखाते हैं। तो दूसरी ओर कहा कि कभी-कभी परिवार के कठोर नियम व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सीमित कर सकते हैं। इन टॉपिक पर सभी बहनों ने पक्ष-विपक्ष पर अपने-अपने विचार रखे।
परामर्शक क्रांतिजी सुराणा ने इस विषय पर अपने भाव व्यक्त किए। जज की भूमिका परामर्शक कल्पना जी परमार और क्रांति जी सुराणा ने निभाई। वाद-विवाद की विजेता रीना जी धाकड़ और रिया जी बड़ाला रहे। आभार ज्ञापन संगठन मंत्री वनिताजी बड़ोला ने किया। महिला मंडल की बहनों की अच्छी एवं सराहनीय उपस्थिति रही।
